Free में Tally सीखें – Course 2, Ledger Creation, Accounting Entry, Group और Stock Items
( Apurba Das )
Tally सीखने का हमारा दूसरा पाठ आपकी अकाउंटिंग स्किल को एक स्तर ऊपर ले जाएगा। Course 1 में आपने Company Create करना सीखा था। अब Course 2 में हम Tally के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से — Ledger, Accounting Vouchers, Group और Stock Items को विस्तार से समझेंगे। इन चारों टॉपिक के बिना Tally में कोई भी एंट्री या रिपोर्ट बन पाना संभव नहीं है। इसलिए यदि आप Tally को प्रोफेशनल तरीके से सीखना चाहते हैं तो यह अध्याय बेहद महत्वपूर्ण है।
1. Ledger क्या होता है?
Tally में Ledger एक ऐसा अकाउंट होता है जिसमें किसी एक व्यक्ति, वस्तु या खर्च का पूरा हिसाब रखा जाता है।
जैसे:
• Cash
• Bank
• Sales
• Purchase
• Capital
• Ram Traders (Supplier)
• Mohan Customers (Debtor)
Tally में हर वित्तीय लेनदेन किसी न किसी Ledger में दर्ज होता है। इसलिए Ledger का सही निर्माण Tally सीखने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
2. Ledger कैसे Create करें? (Step-by-Step)
Ledger Create करना आसान है लेकिन सही Group चुनना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे आपकी रिपोर्ट और बैलेंस शीट सही बनती है।
Ledger बनाने के चरण:
• Gateway of Tally पर जाएँ
• बाएँ मेनू से Masters चुनें
• Accounts Info → Ledgers पर क्लिक करें
• अब Create चुनें
Ledger का फॉर्म खुल जाएगा। अब इसमें निम्न जानकारी भरें:
(A) Name : Ledger का नाम डालें
उदाहरण: Cash, SBI Bank, Sales, Rent, Capital आदि।
(B) Under (Group Selection)
हर Ledger को एक ग्रुप के अंदर रखा जाता है।
कुछ सामान्य ग्रुप हैं:
• Capital A/c → मालिक का निवेश
• Sundry Debtors → ग्राहक
• Sundry Creditors → सप्लायर
• Bank Accounts → बैंक
• Direct Expenses → खरीद से जुड़े खर्च
• Indirect Expenses → दुकान/ऑफिस के खर्च
• Purchase Accounts → खरीद
• Sales Accounts → बिक्री
• Cash-in-Hand → Cash
Group गलत चुना तो पूरी रिपोर्ट गलत बनेगी, इसलिए यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है।
(C) Opening Balance (यदि हो)
अगर आपकी कंपनी में पहले से Cash, Bank Balance या कोई Due Amount है तो उसे यहाँ डालें। नहीं है तो खाली छोड़ दें।
अंत में Y दबाकर Ledger को सेव करें।
3. Accounting Entries कैसे करते हैं?
Tally में अकाउंटिंग एंट्री Vouchers के अंदर होती है।
Tally के मुख्य वाउचर हैं:
• Contra Voucher (F4)
• Payment Voucher (F5)
• Receipt Voucher (F6)
• Journal Voucher (F7)
• Sales Voucher (F8)
• Purchase Voucher (F9)
अब हम इन्हें आसान भाषा में समझते हैं:
(A) Payment (खर्च/भुगतान) – F5
उदाहरण: Rent दिया, Salary दिया या Supplier को पैसा दिया।
Entry:
Debit → Expense
Credit → Cash/Bank
(B) Receipt (प्राप्ति) – F6
उदाहरण: Customer से पैसा मिला या किसी ने उधारी चुकाई।
Entry:
Debit → Cash/Bank
Credit → Party
(C) Contra – F4
Bank से Cash निकाला, Cash बैंक में जमा किया।
Entry:
Cash ↔ Bank
(D) Sales – F8 (बिक्री)
Entry:
Debit → Customer
Credit → Sales
(E) Purchase – F9 (खरीद)
Entry:
Debit → Purchase
Credit → Supplier
(F) Journal – F7
Adjustment Entry जैसे depreciation, correction, write-off आदि।
एंट्री करते समय सबसे महत्वपूर्ण है “Debit-Credit” का सही चुनाव। Tally में एक बार एंट्री सही कर ली तो सभी रिपोर्ट स्वतः तैयार हो जाती हैं।
4. Group क्या होता है? तथा इसका उपयोग
Tally में हजारों Ledger हो सकते हैं, लेकिन उन्हें सही ढंग से व्यवस्थित करने के लिए Group का इस्तेमाल किया जाता है।
Group यानी श्रेणी जिसमें एक जैसे Ledger रखे जाते हैं।
Group के प्रकार: Tally में दो प्रकार के ग्रुप होते हैं:
(A) Primary Groups (मुख्य समूह)
Tally में पहले से बने मुख्य ग्रुप, जैसे:
• Capital Account
• Reserves & Surplus
• Loans
• Current Assets
• Current Liabilities
• Sales
• Purchase
• Direct Expenses
• Indirect Expenses
ये ग्रुप सिस्टम द्वारा बनाए गए हैं और फाइनांसियल रिपोर्ट इन्हीं पर आधारित है।
(B) Sub-Groups (उप समूह)
आप अपनी जरूरत के अनुसार नए ग्रुप भी बना सकते हैं।
उदाहरण: "Office Expenses" नाम से नया sub-group बना सकते हैं और उसके अंदर Rent, Electricity, Stationery जैसे Ledger रख सकते हैं।
5. Stock Items क्या हैं?
अगर आपकी कंपनी प्रोडक्ट बेचती/खरीदती है, तो Tally में आपको Inventory भी तैयार करनी होगी। Inventory का आधार है:
• Stock Group
• Stock Category
• Stock Items
• Units (KG, Piece आदि)
Stock Item क्या है? Stock Item मतलब आपका प्रोडक्ट, जैसे:
Mobile ,TV, Rice 50KG, Shirt ,Fan etc.
(एक प्रोडक्ट = एक Stock Item)
6. Stock Items कैसे Create करें? (Step-by-Step)
चरण 1: Inventory सक्षम करें
Gateway of Tally → F11 → Inventory Features → Enable Inventory = Yes
• चरण 2: Stock Group Create करें
• Inventory Info
• Stock Groups
• Create
• Group Name डालें,
जैसे: Electronics, Grocery, Clothing
Group बनाने के बाद अब आप Stock Item बना सकते हैं।
चरण 3: Units (मात्रा) बनाएँ
• Inventory Info
• Units of Measure
• Create
उदाहरण: PCS (पीस), KG, LTR
चरण 4: Stock Item Create करें
• Inventory Info
• Stock Items
• Create
अब फॉर्म भरें:
Name: Product Name (जैसे Samsung Mobile)
Under: Stock Group चुनें
Unit: PCS चुनें
Opening Quantity & Rate: यदि स्टॉक पहले से है तो भरें
(अंत में Y दबाकर सेव करें।)
इस Course 2 में आपने सीखा:
• Ledger क्या है और कैसे बनता है
• Accounting Vouchers से एंट्री कैसे करते हैं
• Group का महत्व और सही Classification
• Stock Groups, Units और Stock Items Create करना
अब आप Tally में बुनियादी Accounting और Inventory संभालने के लिए तैयार हैं।
(Course 3: GST Setting, Voucher Configuration, और Invoice Create आगे आप पढ़ सकते हैं )।