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বিজ্ঞাপন

हम कैसे सुखी हो सकते हैं? हैप्पी हॉर्मोन बढ़ाने का सही तरीका




हम कैसे सुखी हो सकते हैं? हैप्पी हॉर्मोन बढ़ाने का सही तरीका

(Apurba Das )

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति खुश रहना चाहता है। लेकिन कई बार तनाव, गलत दिनचर्या, खराब खान-पान और नकारात्मक विचारों की वजह से मन अशांत हो जाता है। हमारे शरीर में कुछ प्राकृतिक रसायन (हॉर्मोन) होते हैं, जो मन को शांत, खुश और स्थिर रखते हैं। इन्हें ही हैप्पी हॉर्मोन कहा जाता है। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण हॉर्मोन है सेरोटोनिन (Serotonin)।






1. Serotonin (सेरोटोनिन) क्या है?

सेरोटोनिन एक प्रकार का न्यूरोट्रांसमीटर है, जो दिमाग और आंत दोनों में पाया जाता है। यह हमारे-
मूड (Mood)
नींद (Sleep)
पाचन (Digestion)
सोच (Thinking)
भूख (Appetite)
को नियंत्रित करता है। इसे ही आम भाषा में हैप्पी हॉर्मोन कहा जाता है, क्योंकि यह हमारे मन को शांत, खुश और रिलैक्स रखता है। शरीर का लगभग 90% सेरोटोनिन पेट (गट) में बनता है, इसलिए पेट-बॉवेल की स्थिति आपके मूड पर बहुत प्रभाव डालती है।

2. Happy Hormone कम होने पर क्या-क्या समस्याएँ हो सकती हैं?

जब शरीर में सेरोटोनिन कम हो जाता है, तब कई मानसिक और शारीरिक समस्याएँ दिखाई देने लगती हैं, जैसे—

• हर समय उदासी या चिड़चिड़ापन
• किसी काम में मन न लगना
• नींद न आना या नींद खराब होना
• तनाव और चिंता बढ़ना
• थकान और कमजोरी
• भूख कम या ज्यादा लगना
• पाचन शक्ति कमजोर होना
• IBS, गैस, पेट दर्द, कब्ज या दस्त
• बार-बार नकारात्मक विचार आना
इसलिए हैप्पी हॉर्मोन की मात्रा सही रखना स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन दोनों के लिए ज़रूरी है।







3. जिन लोगों को हर दिन पेट खराब रहता है, उनमें Happy Hormone क्यों कम होता है?

जैसा कि बताया गया है, 90% सेरोटोनिन पेट में बनता है। यदि किसी का- पाचन खराब रहता है
गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, रोज़ दस्त या कब्ज, IBS जैसे लक्षण,
होते हैं, तो उनके गट माइक्रोब्स (आंत के अच्छे बैक्टीरिया) कमजोर हो जाते हैं। जब गट कमजोर होता है, तो सेरोटोनिन का निर्माण भी कम हो जाता है। इससे मूड गिर जाता है, चिंता बढ़ती है और कई बीमारियाँ भी होने लगती हैं। इसीलिए खुश रहने के लिए पहले पेट को ठीक रखना ज़रूरी है।

4. Happy Hormone Release करने के उपाय
नीचे वे सभी वैज्ञानिक उपाय दिए गए हैं जो स्वाभाविक रूप से हैप्पी हॉर्मोन को बढ़ाते हैं—

(1) सुबह की धूप 20 मिनट लें

सुबह 6:00 से 7:00 बजे के बीच की धूप हल्की और शुद्ध होती है। इसे सीधे त्वचा पर पड़ने दें।
फायदे—
• Vitamin-D बढ़ता है
• सेरोटोनिन और एंडोर्फिन रिलीज होते हैं
• मूड अच्छा होता है
• उदासी कम होती है
• धूप वास्तव में प्राकृतिक एंटी-डिप्रेसेंट की तरह काम करती है।

(2) रोज़ 20–30 मिनट एक्सरसाइज या मेडिटेशन करें

व्यायाम और ध्यान दोनों ही सेरोटोनिन, एंडोर्फिन और डोपामिन जैसे हैप्पी हॉर्मोन को बढ़ाते हैं।
आप यह कर सकते हैं—
• तेज चलना
• योग
• सूर्य नमस्कार
• हल्की कसरत
• धूप में बैठकर ध्यान
• रोज़ाना सिर्फ आधा घंटा भी जीवन बदल सकता है।

(3) Tryptophan और मैग्नीशियम से भरपूर भोजन खाएँ

Tryptophan एक विशेष अमीनो एसिड है जो सेरोटोनिन बनाने में मदद करता है। यह फल और खाद्य पदार्थों में मिलता है।मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ भी हैप्पी हार्मोन को बढ़ाते हैं।

Tryptophan-yukt फल और खाद्य पदार्थ:

केला, अनानास, सेब, चेरी, अमरूद, पपीता , ड्राई फ्रूट (बादाम, काजू), मूंगफली, दही, अंडा, दालें -
इनका रोज सेवन से हैप्पी हॉर्मोन तेजी से बढ़ता है।

मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थके नाम :

सबसे अधिक मैग्नीशियम वाले फल :

• एवोकाडो
• अमरूद
• अंजीर (खासकर सूखा हुआ)
• केला




(4) अच्छे दोस्तों के साथ हँसी-मज़ाक करें

जब आप हँसी-ठहाके लगाते हैं, किसी दोस्त से दिल की बात साझा करते हैं, पॉजिटिव माहौल में रहते हैं तब शरीर खुद-ब-खुद ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन रिलीज करता है। इससे मन हल्का और खुश होता है।

(5) हफ्ते में एक बार कहीं घूमने जाएँ
एक ही जगह पर हर समय रहने से दिमाग पर बोझ बढ़ता है। नई जगह—
• दिमाग को फ्रेश करती है
• तनाव कम करती है
• खुशी बढ़ाती है
• यह मानसिक डिटॉक्स की तरह काम करता है।

(6) पसंदीदा संगीत सुनें
म्यूज़िक थेरेपी मूड को तुरंत ठीक करती है। धीमी, सुकूनभरी, पसंदीदा धुनें सेरोटोनिन को बढ़ाती हैं। यह तनाव को 40% तक कम कर देती है।

(7) अच्छे काम करें – गरीबों की मदद करें
जब आप किसी की सहायता करते हैं, तब “ऑक्सीटोसिन” हॉर्मोन रिलीज होता है, जो मन में संतोष,खुशी, शांति, आत्मविश्वास
बढ़ाता है। दूसरों के लिए अच्छा करना अपने लिए खुशी लाने का सबसे पवित्र तरीका है।

(8) सिर्फ पैसों के लिए नौकरी न करें
यदि काम आपको पसंद नहीं है और आप मजबूरी में कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे मन पर बोझ बढ़ने लगेगा। ऐसा काम करें—
• जिसमें दिल लगता हो
• जो आपकी ऊर्जा बढ़ाए
• जिससे संतुष्टि मिले
• खुशी अपनी पसंद के काम में छिपी होती है।





(9) बीमारी को नज़रअंदाज़ न करें – तुरंत डॉक्टर से मिलें
बीमारी शरीर में इनफ्लेमेशन बढ़ाती है, जो सेरोटोनिन को कम करता है। हल्की समस्या भी लंबे समय तक रहने से मन पर असर डालती है। इसलिए स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

(10) फनी वीडियो या कॉमेडी देखें
हँसी प्राकृतिक दवा है। कॉमेडी देखने से—

• एंडोर्फिन
• डोपामिन
• सेरोटोनिन
• तीनों बढ़ते हैं।

(11) सभी के साथ अच्छा व्यवहार रखें
अच्छे संबंध और अच्छा व्यवहार मानसिक शांति देते हैं। जब आप—
• दूसरों से मुस्कुरा कर मिलते हैं
• प्रेम और सम्मान से बात करते हैं
• तो आपका दिमाग ऑक्सीटोसिन छोड़ता है, जिससे भीतर शांति और खुशी आती है।


हैप्पी हॉर्मोन बढ़ाना किसी दवा पर निर्भर नहीं है। यह हमारी दैनिक दिनचर्या, आहार, व्यवहार और सोच पर आधारित है।
यदि आप धूप लें, व्यायाम करें, अच्छा भोजन लें, हँसी-मज़ाक करें,
पसंद का काम करें, सकारात्मक लोगों के साथ रहें
तो आप न सिर्फ स्वस्थ रहेंगे, बल्कि हमेशा खुश और संतुष्ट भी रहेंगे।

खुश रहना एक कला नहीं, बल्कि एक आदत है — जिसे आप रोज़ के छोटे-छोटे कामों से बना सकते हैं।






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