ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रविवार के दिन क्या नहीं करना चाहिए? जानने के लिए पढ़िए।
( अपूर्व दास )
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व बताया गया है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है, जो जीवन शक्ति, ऊर्जा, आत्मविश्वास, नेतृत्व, तेज और स्वास्थ्य के कारक हैं। ऐसा माना जाता है कि रविवार के दिन कुछ विशेष कार्य करने से सूर्य देव की कृपा कम हो सकती है और जीवन में अनावश्यक बाधाएँ बढ़ सकती हैं। इसलिए, ज्योतिष में रविवार को कुछ कार्यों से परहेज़ करने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कि रविवार को क्या नहीं करना चाहिए और इसके पीछे धार्मिक व ज्योतिषीय कारण क्या हैं।
(1) रविवार को बाल या नाखून न काटें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रविवार के दिन बाल या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। बाल और नाखून काटने से शरीर की ऊर्जा कम होती है और यह सूर्य की ऊर्जा के विपरीत माना गया है।
यह सूर्य देव के तेज को क्षीण करने वाला माना जाता है।
कहा जाता है कि इससे घर में धन संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
यह भी मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
(2) रविवार को काले रंग के कपड़े न पहनें
सूर्य का रंग लाल और गेरुआ माना जाता है। वहीं काला रंग शनि का प्रतीक है, जो सूर्य के साथ अनुकूल नहीं माना जाता। काले कपड़े पहनने से सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
इससे मन में आलस्य, मानसिक भारीपन और नकारात्मकता आ सकती है। सूर्य की कृपा चाहने वाले लोग इस दिन लाल, नारंगी या पीले रंग के कपड़े पहनें।
(3) रविवार को नमक दान या उधार न दें
ज्योतिष के अनुसार रविवार के दिन नमक देना अशुभ माना जाता है, क्योंकि नमक शनि और चंद्र का कारक है।
इसे सूर्य की ऊर्जा को कमजोर करने वाला माना जाता है।
माना जाता है कि इस दिन नमक देने से घर में कलह, तनाव और कर्ज बढ़ सकता है।
(4) रविवार को कर्ज न लें और न दें
कर्ज लेना या देना सूर्य की ऊर्जा को बाधित करता है। इससे घर में आर्थिक अस्थिरता आने की संभावना बढ़ती है। यदि रविवार को नया कर्ज लिया जाए, तो वह लंबे समय तक चुकता नहीं होता। कर्ज देने या लेने से पारिवारिक सुख में बाधा भी आ सकती है।
(5) रविवार को यात्रा न करें, विशेष रूप से दक्षिण दिशा में
ज्योतिष के अनुसार रविवार को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए, खासकर दक्षिण दिशा की यात्रा अशुभ मानी गई है। सूर्य देव दक्षिण दिशा के स्वामी माने गए हैं, इसलिए इस दिशा में रवाना होना शुभ नहीं। कहा जाता है कि इससे थकान, नुकसान या बाधा प्राप्त हो सकती है। हालाँकि, यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो मीठा खाकर निकलने से दोष कम हो जाता है।
(6) रविवार को भोजन में तामसिक या भारी भोजन न करें
सूर्य ऊर्जा, पाचन और स्वास्थ्य का कारक है। इस दिन अधिक तला-भुना या तामसिक भोजन करने से पाचन धीमा हो सकता है। इससे आलस्य, थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। सूर्य की कृपा पाने के लिए इस दिन हल्का, सात्त्विक और पौष्टिक भोजन करना चाहिए। गुड़, गेहूं और घी को शुभ माना जाता है।
(7) रविवार को विवाद, गुस्सा या कठोर वाणी से बचें
सूर्य आत्मा और अहं का प्रतीक है। इस दिन क्रोध करना या विवाद करना सूर्य की ऊर्जा को दूषित करता है। इससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। परिवार में अनबन अथवा सामाजिक रिश्तों में दूरी आ सकती है।
(8) रविवार को बिस्तर की धुलाई या भारी सफाई कार्य न करें
भारतीय परंपराओं के अनुसार रविवार विश्राम का दिन माना जाता है। इस दिन चादर, बिस्तर या भारी कपड़ों की धुलाई करने से घर में थकान और मानसिक तनाव बढ़ता है। ज्योतिष के अनुसार यह सूर्य की ऊर्जा को कम कर सकता है।
(9) रविवार को नए कार्य या लेन-देन की शुरुआत न करें
इस दिन कोई नया व्यवसाय, बड़ा निवेश या आर्थिक कार्य शुरू करना शुभ नहीं माना जाता। इससे बाधाएँ या विलंब हो सकते हैं।
सूर्य सप्ताह का अंतिम दिन माना जाता है, इसलिए इसे विश्राम और पुनर्जागरण का दिन माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में रविवार सूर्य देव के लिए समर्पित दिन है, जो जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य, सम्मान और शक्ति प्रदान करते हैं। इसलिए इस दिन ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जो सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करते हों—जैसे बाल काटना, कर्ज देना-लेना, काला कपड़ा पहनना, विवाद करना या यात्रा करना। यदि इन नियमों का पालन किया जाए तो जीवन में आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सफलता में वृद्धि होने की मान्यता है।
विशेष उपाय: रविवार की सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करें। पीले वस्त्र धारण करें और शिवलिंग पर बेलपत्र और जल चढ़ाएँ। सूर्योदय होते ही, तीन या पाँच लाल फूल और साफ़ मिट्टी के पात्र में जल लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें और सूर्यदेव के मंत्र का जाप करें।
यदि संभव हो तो मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे सूर्य मजबूत होगा और जीवन के सभी पहलुओं में सुधार होगा। स्वस्थ रहें।