ज़िंक हमारे शरीर को क्यों चाहिए?
( Apurba Das )
ज़िंक (Zinc) एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूक्ष्म खनिज (Trace Mineral) है, जिसकी थोड़ी-सी मात्रा भी शरीर के सही विकास और कार्यों के लिए ज़रूरी होती है। यह हमारे शरीर की इम्यूनिटी, मांसपेशियों, त्वचा, बाल, पाचन, हार्मोन और मस्तिष्क—सभी की कार्यक्षमता में अहम भूमिका निभाता है। शरीर ज़िंक को स्वयं नहीं बनाता, इसलिए इसे भोजन के माध्यम से ही प्राप्त करना पड़ता है।
• हमें ज़िंक क्यों चाहिए?
हमारे शरीर को ज़िंक कई कारणों से चाहिए:
1. प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने में मदद
ज़िंक हमारे इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं को मजबूत करता है। यह संक्रमणों से लड़ने में, घाव भरने में और बीमारियों की गंभीरता कम करने में मदद करता है।
2. कोशिकाओं की वृद्धि और मरम्मत के लिए जरूरी
शरीर की नई कोशिकाएँ बनने, पुराने टिशू की मरम्मत और शरीर के विकास में ज़िंक महत्वपूर्ण है। इसलिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए विशेष रूप से आवश्यक है।
3. त्वचा, बाल और नाखूनों के लिए जरूरी
ज़िंक की पर्याप्त मात्रा होने पर त्वचा चमकदार, बाल मजबूत और नाखून स्वस्थ रहते हैं। पिंपल्स और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी यह लाभकारी माना जाता है।
4. हार्मोन संतुलन
पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर, महिलाओं में प्रजनन क्षमता और हॉर्मोनल संतुलन के लिए ज़िंक अहम भूमिका निभाता है।
5. मस्तिष्क के कामकाज के लिए
ज़िंक मस्तिष्क की कोशिकाओं में सिग्नल भेजने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। यह याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहयोग करता है।
• ज़िंक की मात्रा कम होने पर शरीर में क्या-क्या होता है?
यदि शरीर में ज़िंक की कमी (Zinc Deficiency) हो जाए, तो कई तरह की शारीरिक समस्याएँ दिखाई देने लगती हैं:
1. बार-बार बीमार होना
ज़िंक की कमी से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी, खांसी, संक्रमण और वायरल बीमारियाँ जल्दी होती हैं।
2. बाल झड़ना और नाखून टूटना
कम ज़िंक होने पर बाल पतले होने लगते हैं, अधिक झड़ते हैं और नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
3. त्वचा की समस्याएँ
खुजली, दाने, सूजन, ड्राय स्किन, पिंपल्स और घाव का देर से भरना—ये सब ज़िंक की कमी के संकेत हो सकते हैं।
4. भूख कम होना और पाचन बिगड़ना
ज़िंक की कमी से भूख कम लगना, खाना पचने में दिक्कत, दस्त या कब्ज जैसी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।
5. मानसिक थकान और एकाग्रता में कमी
थकान, चिड़चिड़ापन, याददाश्त कमजोर होना और मन का अस्थिर रहना भी ज़िंक की कमी से जुड़ा हो सकता है।
6. बच्चों की वृद्धि रुक जाना
ज़िंक की कमी से बच्चों की हाइट और विकास प्रभावित होता है और प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर रहती है।
• हमें दिन में कितना ज़िंक लेना चाहिए? (उम्र के हिसाब से)
नीचे आयु के आधार पर ज़िंक की दैनिक (Daily Requirement) मात्रा दी गई है:
◽उम्र और आवश्यक मात्रा (प्रतिदिन)
1 – 3 वर्ष = 3 mg
4 – 8 वर्ष = 5 mg
9 – 13 वर्ष = 8 mg
14 – 18 वर्ष (लड़के) = 11 mg
14 – 18 वर्ष (लड़कियाँ) = 9 mg
वयस्क पुरुष = 11 mg
वयस्क महिलाएँ = 8 mg
गर्भवती महिलाएँ = 11–12 mg
स्तनपान कराने वाली महिलाएँ = 12–13 mg
नोट: सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि ज़िंक की बहुत अधिक मात्रा लेने से उल्टा नुकसान हो सकता है।
• ज़िंक से भरपूर खाद्य पदार्थ
ज़िंक प्राकृतिक रूप से कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। आपको अपनी डाइट में इन चीज़ों को शामिल करना चाहिए:
1. दालें और अनाज : चना, मसूर दाल, राजमा, मूंग दाल, ओट्स, बाजरा।
2. मेवे और बीज: काजू, बादाम, मूंगफली, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), तिल।
3. डेयरी उत्पाद: दूध, दही, पनीर।
4. सब्जियाँ: पालक, ब्रोकली, चुकंदर, मशरूम।
5. फल: एवोकाडो, अमरुद, खजूर
6. नॉन-वेज खाने वालों के लिए : अंडे, मछली,चिकन, मीट
इनमें ज़िंक की मात्रा अधिक होती है और यह आसानी से शरीर में अवशोषित भी हो जाता है।
ज़िंक हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक मिनरल है, जो प्रतिरोधक क्षमता से लेकर दिमाग, त्वचा, बाल, पाचन और हार्मोन- हर चीज़ को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से कई शारीरिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए रोज़ाना संतुलित आहार के जरिए ज़िंक युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।